Saturday, November 20, 2010

आराम चाहते हैं कप्तान धौनी

नागपुर। भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने शुक्रवार को कहा कि वह दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले बीसीसीआई से आराम देने का अनुरोध करेंगे। धौनी ने यह भी कहा कि वह अपनी टेस्ट फार्म से सचमुच चिंतित नहीं हैं, लेकिन साथ ही स्वीकार किया कि पिछले कुछ दिनों से उनका खराब शॉट चयन समस्या बन गया है।

वर्ष की शुरुआत से श्रीलंका दौरे के बाद से ही टीम इंडिया का व्यस्त कार्यक्रम रहा है और धौनी का कहना है कि उन्हें तथा सुरेश रैना जैसे खिलाडि़यों को इस दौरान आराम करने का मौका नहीं मिला है। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टीम 16 दिसंबर से पहला टेस्ट मैच खेलेगी। इस दौरे से पहले भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। अगर धौनी का अनुरोध स्वीकार कर लिया जाता है तो वह इस सीरीज के दौरान आराम कर सकते हैं। पिछले महीने बीसीसीआई ने इस बात पर सहमति जताई थी कि अभ्यास मैच नहीं खेले जाने के कारण कुछ खिलाडि़यों को दिसंबर में होने वाली टेस्ट सीरीज से पूर्व ही दक्षिण अफ्रीका भेजा जाएगा। धौनी का कहना है कि इस पर अभी भी बातचीत चल रही है।

साथ ही धौनी ने कहा, जहां तक मेरी बल्लेबाजी की बात है तो मैं मैच के हालातों के मुताबिक और नेट पर अच्छा खेल रहा हूं। गेंद मेरे बल्ले पर अच्छी तरह आ रही है। लेकिन मैंने बल्लेबाजी करते वक्त कुछ ऐसे फैसले किए हैं जो गलत रहे। उन्होंने कहा, मैंने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ बल्लेबाजी करते समय कुछ खराब शॉट का चयन किया। जब आप पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ बल्लेबाजी करते हो तो आप अधिक पहल करना चाहते हैं और बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं। इसी प्रक्रिया में आप आउट हो जाते हैं। मैं सचमुच अपनी फार्म को लेकर चिंतित नहीं हूं।

धौनी से जब सुरेश रैना की खराब फार्म के बारे में पूछा गया तो कप्तान ने उत्तर प्रदेश के युवा खिलाड़ी का बचाव किया। उन्होंने कहा, वह पिछले दो मैचों में ही स्कोर नहीं बना पाए हैं। वह पाजीटिव खिलाड़ी हैं और ज्यादातर बड़े शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो जाते हैं। भारतीय टीम लगातार दूसरे दिन दोपहर को हुई तेज बारिश के कारण नेट पर ठीक तरह से अभ्यास नहीं कर पाई है। सचिन तेंदुलकर ही केवल 20 मिनट तक बल्लेबाजी कर सके क्योंकि बारिश के कारण खिलाडि़यों को ड्रेसिंग रूम में लौटना पड़ा। यह पूछने पर कि क्या यह टेस्ट मैच के लिए आदर्श स्थिति है तो धौनी ने कहा कि कभी कभार ज्यादा अभ्यास नहीं करना मदद करता है।